जिला मुख्यालय स्थित पटेल भवन, समनापुर में पटेल समाज के क्रांतिकारी युवा संगठन की एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों, प्रबुद्धजनों और सैकड़ों युवाओं की गरिमामयी उपस्थिति में संगठन का पुनर्गठन किया गया, जिसमें रामलाल पटेल को सर्वसम्मति से निर्विरोध जिला अध्यक्ष चुना गया। बैठक के दौरान समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक एकजुटता को केंद्र में रखते हुए भावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

संस्थापक परदेशी पटेल का प्रेरक संबोधन
संगठन के संस्थापक श्री परदेशी पटेल ने मार्गदर्शक उद्बोधन देते हुए कहा कि क्रांतिकारी युवा संगठन केवल एक संगठनात्मक ढांचा नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि पद किसी प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी के लिए होता है। युवाओं को शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाना होगा, क्योंकि उच्च शिक्षा और तकनीकी दक्षता ही समाज को आधुनिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने प्रतिभाओं को संसाधनों के अभाव में रुकने न देने का आह्वान किया।
वरिष्ठ नेताओं ने युवाओं को दिया मार्गदर्शन
जिला पटेल समाज के अध्यक्ष शंकर पटेल ने स्वरोजगार और उद्यमिता पर बल देते हुए कहा कि आज का युग जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनने का है। उन्होंने बताया कि संगठन युवाओं को शासकीय योजनाओं और स्टार्टअप से जोड़ने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल ने सामाजिक एकजुटता को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि बिखरी हुई ताकत कमजोर होती है, लेकिन संगठित समाज अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सकता है।
युवा संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष भुनेश्वर पटेल ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कार्यभार सौंपा। उन्होंने अपने कार्यकाल में मिले समाज के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि रामलाल पटेल के नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने जमीनी स्तर पर सक्रियता को संगठन की पहचान बताते हुए गांव-गांव तक युवाओं को जोड़ने पर जोर दिया।
नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाटिल ने युवा नेतृत्व की सराहना करते हुए नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक सामाजिक चेतना के विस्तार को लक्ष्य बताया।
भगवान सिंह पटेल एवं महेश पटेल ने अनुशासन, सामाजिक जागरूकता और कुरीतियों के विरुद्ध अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतर सामाजिक वातावरण मिल सके।



