थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर प्रकरण में पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित धाराओं के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क स्थापित कर कथित रूप से शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण करने से जुड़ा है।
मुंगेली पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 25 मार्च 2026 को पीड़िता द्वारा थाना सिटी कोतवाली मुंगेली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक युवक ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उससे संपर्क कर निकटता बढ़ाई और शादी का आश्वासन दिया। आरोप है कि वर्ष 2023 से लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। प्रकरण नाबालिग से संबंधित पाए जाने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 113/26 के तहत धारा 64 (2)(एम) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), धारा 5(एल), 6 पॉक्सो एक्ट तथा धारा 3(2)(व्ही) एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए। प्रकरण में एट्रोसिटी एक्ट की धारा तथ्यों के आधार पर जोड़ी गई।
जांच के दौरान आरोपी फरार बताया गया, जिसकी तलाश जारी थी। 11 अप्रैल 2026 को सूचना के आधार पर ग्राम चातरखार के पास से आरोपी आयुष सिंह (उम्र 24 वर्ष), निवासी घुठेली, थाना सिटी कोतवाली मुंगेली को हिरासत में लिया गया। आवश्यक पूछताछ एवं वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि नाबालिगों से संबंधित अपराधों में कानून अत्यंत कठोर है और ऐसे मामलों में त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाती है। पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।
नोट: प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप सिद्ध होना शेष है। आरोपी को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माना जाएगा।