कलेक्टर ने मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में पशु प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते हुए सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सड़कों पर खुले घूमते मवेशियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एनएच किनारे चयनित ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में पशु प्रबंधन की कमजोर स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने पांच विकासखंडों के जनपद सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और जनपद सीईओ द्वारा पशु प्रबंधन पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए तथा ग्राम पंचायतों से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जाए।
कलेक्टर श्री सोनी ने मनरेगा के माध्यम से चारागाह विकास के कार्यों को भी स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त “हर घर तिरंगा” अभियान की तैयारी, अमृत रजत जयंती वर्ष कार्यक्रम आयोजन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदनों के समयबद्ध निराकरण, अवैध रेत उत्खनन पर निगरानी, पाठ्यपुस्तक वितरण, पीएम किसान योजना, वृक्षारोपण व धरती आबा अभियान जैसी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में डीएफओ श्री गणवीर धम्मशील, जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुश्री दीप्ति गोते, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।