परिवहन विभाग का उड़नदस्ता दल, जिसे अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए गतिशील और भ्रमणशील जांच के लिए नियुक्त किया गया है, अब खुद वसूली केंद्र बनकर कार्य कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार जिले के लवन क्षेत्र में उड़नदस्ता दल महीनों से एक ही स्थान पर स्थायी रूप से चेकिंग कर रहा है, जबकि नियमों के अनुसार इन्हें लगातार अलग-अलग स्थानों पर गश्त और आकस्मिक जांच करनी चाहिए।
चेकिंग पॉइंट पर अवैध वसूली का खेल
आसपास के दुकानदारों और वाहन चालकों ने बताया कि उड़नदस्ता दल हर माह 1 से 25 तारीख तक इसी स्थान पर तैनात रहता है और जांच के नाम पर अवैध वसूली करता है।
वाहन चालकों के अनुसार, प्रवर्तन का डर दिखाकर रकम वसूली जाती है, जिससे आए दिन वाद-विवाद और झड़पें भी होती रहती हैं।
क्या कहते हैं नियम
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 213 के तहत उड़नदस्ता दल को गतिशील निरीक्षण (Mobile Enforcement) के लिए अधिकृत किया गया है।
परिवहन आयुक्त के निर्देशों के अनुसार उड़नदस्ता को स्थायी न होकर चलायमान रहना आवश्यक है ताकि परिवहन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच हो सके।
किसी भी स्थान पर स्थायी रूप से बैरिकेड या चेकिंग पोस्ट स्थापित करना नियमविरुद्ध है, जब तक कि संबंधित जिला प्रशासन से विशेष अनुमति प्राप्त न हो।
स्थानीयों का आरोप
लवन क्षेत्र के व्यापारियों और ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि इस स्थायी जांच केंद्र से हर दिन अवैध वसूली होती है, और विरोध करने वालों को अनावश्यक चालान या वाहन जब्ती की धमकी दी जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह तैनाती किसके संरक्षण में चल रही है।
जवाबदेही से बचता विभाग
जब इस संबंध में उक्त स्थल पर मौजूद अधिकारि और उनके अनधिकृत लोगों से पूछताछ की गई तो किसी ने भी लिखित अनुमति या आदेश दिखाने से इंकार कर दिया। यह दर्शाता है कि नियमों की आड़ में वसूली का खेल लंबे समय से चल रहा है।
ग्रामीणों की मांग
स्थानीय नागरिकों ने राज्य सरकार से मांग की है कि स्थायी चेकिंग पॉइंट को तत्काल हटाया जाए और इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।