भीषण गर्मी के बीच नन्हे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने सराहनीय पहल की है। संघ ने छत्तीसगढ़ शासन से मांग की है कि आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन समय को भी स्कूलों की तरह प्रातःकालीन किया जाए, ताकि छोटे बच्चों को तेज धूप और बढ़ते तापमान से राहत मिल सके।
संघ द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में बताया गया है कि वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का समय सुबह कर दिया है। इससे विद्यार्थियों को गर्मी से काफी राहत मिल रही है।
लेकिन दूसरी ओर, आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत प्री-नर्सरी आयु वर्ग के छोटे बच्चों के लिए अभी भी पूर्ववत समय ही लागू है। तेज गर्मी के कारण इन नन्हे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।
इस मांग को लेकर संघ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया मेरावी, जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मी शर्मा, राधाबाई, उत्तरा यादव एवं प्रियंका मानिकपुरी ने संयुक्त रूप से पहल करते हुए शासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया है।
संघ ने अपने निवेदन में स्पष्ट किया है कि आंगनवाड़ी केंद्रों का समय भी सुबह किए जाने से बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा, साथ ही अभिभावकों को भी सुविधा होगी।
यह मांग केवल समय परिवर्तन की नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा और देखभाल से जुड़ा एक संवेदनशील प्रयास है, जिसे समाज के हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है।
अब उम्मीद है कि शासन इस सकारात्मक पहल पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द ही उचित निर्णय लेगा, जिससे नन्हे बच्चों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके।