शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की सुस्त रफ्तार अब सीधे प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आ गई है। विशेषकर चौपाटी निर्माण और समनापुर रोड के कार्य में हो रही देरी पर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए साफ संकेत दे दिए हैं कि अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक में इंजीनियरों, अधिकारियों और ठेकेदारों को दो टूक शब्दों में कहा गया कि 15-15 दिन का लक्ष्य तय कर काम करें, अन्यथा नोटिस और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
नगर पालिका सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अधोसंरचना मद, 15वें वित्त आयोग, विधायक निधि, डीएमएफ, समग्र शिक्षा, आंगनबाड़ी भवन, नालंदा परिसर, निकाय मद और अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की गहन समीक्षा की गई। प्रगतिरत और अप्रारंभ कार्यों की स्थिति सामने आने पर नाराजगी व्यक्त की गई। स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब कार्यों में देरी की कोई गुंजाइश नहीं होगी।
चौपाटी निर्माण कार्य की धीमी गति पर विशेष रूप से सवाल उठाए गए। इसे शहर की प्रमुख परियोजना बताते हुए शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। वहीं अंबेडकर चौक से राजमहल चौक होते हुए समनापुर पुल-पुलिया, बीटी रोड और नाली निर्माण सहित समनापुर रोड के कार्य में भी तेजी लाने को कहा गया। जहां-जहां कार्य लंबित है या रिक्त स्थान पड़े हैं, वहां तत्काल काम प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
लोहारा बाईपास से नवीन बाजार तक गौरव पथ निर्माण की भी समीक्षा की गई और गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को चेताया गया कि समय पर डिजाइन और लेआउट उपलब्ध न कराने की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाएगी। इंजीनियरों को प्रतिदिन फील्ड में जाकर निरीक्षण करने और वास्तविक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि निर्धारित समय में काम शुरू नहीं किया गया या प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, तो पहले कारण बताओ नोटिस जारी होगा और सुधार न होने पर ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जाएगी। गर्मी के मौसम को निर्माण कार्यों के लिए अनुकूल बताते हुए इसका पूरा लाभ उठाने को कहा गया।
विधायक निधि से स्वीकृत शौचालय, आंगनबाड़ी मंच, सामुदायिक भवन सहित अन्य छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने का निर्देश दिया गया। बूढ़ा महादेव मंदिर क्षेत्र में निर्माणाधीन डोम, नालंदा परिसर और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स फेस-1 की समय-सीमा तय कर कार्य पूर्ण करने तथा फेस-2 की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि परियोजनाएं अधर में न लटके।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान कम स्वीकृति और धीमी निर्माण प्रगति पर असंतोष जताया गया। जिन हितग्राहियों के खातों में राशि जारी हो चुकी है, उनके आवास निर्माण को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। पात्र व्यक्तियों का सत्यापन कर उन्हें योजना से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद अब यह स्पष्ट है कि कवर्धा में निर्माण कार्यों की सुस्ती पर अंकुश लगेगा। आने वाले 15 दिनों में प्रगति नहीं दिखी तो कार्रवाई तय मानी जा रही है।