जिला मुख्यालय से महज 7–8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम कांपा में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम की बाउंड्रीवाल में जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं। हैरानी की बात यह है कि कार्य को पूर्ण दर्शाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। लाखों की राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता ऐसी है कि पहली नजर में ही लापरवाही साफ झलकती है।
स्थल पर लगे सूचना पट्ट के अनुसार कार्य “मिनी स्टेडियम निर्माण स्थल–01” ग्राम कांपा, ग्राम पंचायत कांपा में किया जा रहा है। इस कार्य के लिए 37.61 लाख रुपये की स्वीकृत राशि दर्शाई गई है। योजना का नाम मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना अंकित है। ठेकेदार के रूप में महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी का नाम दर्ज है, वहीं कार्य की तकनीकी निगरानी की जिम्मेदारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, कवर्धा के कार्यपालन अभियंता पर है। कार्य प्रारंभ तिथि 12-09-2025 और पूर्णता तिथि 02-04-2026 अंकित है, साथ ही 6 माह की दोष दायित्व अवधि भी उल्लेखित है।
जमीनी स्थिति यह दर्शाती है कि निर्माण की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतर रही है। बाउंड्रीवाल में कई स्थानों पर चौड़ी दरारें स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। कहीं प्लास्टर उखड़ रहा है, तो कहीं ईंटों के जोड़ खुलते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य अभी पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुआ, लेकिन विभागीय स्तर पर इसे लगभग पूर्ण मान लिया गया है।








