जिले में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन अब सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है। जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक अग्रवाल स्वयं मैदान में उतरे और विकासखंड स.लोहारा के ग्राम गांगपुर में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के तहत सोखता गड्ढा निर्माण में श्रमदान कर मजबूत संदेश दिया।
सीईओ अग्रवाल ने ग्रामीणों के साथ फावड़ा चलाकर यह स्पष्ट किया कि जल संचय समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लगातार गिरता भू-जल स्तर भविष्य के लिए गंभीर संकट का संकेत है। आज यदि वर्षा जल को सहेजने की ठोस पहल नहीं की गई तो आने वाली पीढ़ियों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ेगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने घर-घर बन रहे सोखता गड्ढों का जायजा लिया और प्रत्येक परिवार से एक-एक सोखता गड्ढा तैयार करने की अपील की। उन्होंने बताया कि वर्षा का पानी और घरेलू अपशिष्ट जल यदि जमीन में समाहित किया जाए तो भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
इसके बाद महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत निर्मित कंटूर ट्रेंच का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सामुदायिक भवन में ग्रामीणों से संवाद करते हुए सीईओ ने जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत स.लोहारा के अधिकारी, नरेगा अमला, सरपंच-सचिव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। गांगपुर से उठी यह पहल अब पूरे जिले में जल बचाने की मजबूत शुरुआत मानी जा रही है।