सर्व यादव समाज कवर्धा की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन आयोजित होने वाला पारंपरिक गोविंदा उत्सव इस बार पहले से अधिक भव्य और आकर्षक नजर आएगा। दही लूट और मटकी फोड़ के साथ राऊत नाचा, अखाड़ा प्रदर्शन और नई झांकी आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे। उत्सव में जिलेभर से यादव समाज की 81 टोलियां शामिल होंगी, जबकि रैली में 31 गोपी मटकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
आयोजन को लेकर सर्व यादव समाज के पदाधिकारी और सदस्य तैयारियों में जुटे हुए हैं। समाज के मीडिया प्रभारी संजय यादव के अनुसार व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिदिन रात में श्री राधाकृष्ण बड़े मंदिर में बैठक आयोजित की जा रही है। इन बैठकों में रैली मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, मटकी फोड़, झांकी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा कर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
इस बार गोविंदा उत्सव में कवर्धा के साथ पंडरिया, बोड़ला और सहसपुर लोहारा सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से यादव समाज के लोग पहुंचेंगे। 81 टोलियों की भागीदारी से उत्सव में बड़ी संख्या में समाजजनों के जुटने की उम्मीद है। रैली के दौरान 31 गोपी मटकियां रखी जाएंगी, वहीं दही लूट और मटकी फोड़ कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह देखने को मिलेगा।
सुरक्षा पर भी रहेगा जोर
उत्सव की भव्यता के साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। समाज ने इस वर्ष भी 20 फीट से अधिक ऊंचाई की मटकी नहीं फोड़ने का निर्णय लिया है। आयोजन से जुड़े पदाधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि उत्सव के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो।
यादव समाज की पारंपरिक संस्कृति और कला को सामने लाने के लिए राऊत नाचा और अखाड़ा प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा तालाब में तैयार की जा रही नई झांकी भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहेगी। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिलेगा।
जन्माष्टमी पर महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं
गोविंदा उत्सव से पहले जन्माष्टमी के दिन भी सर्व यादव समाज की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दोपहर में महिला समाज के लिए रंगोली, मेहंदी और कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता रखी गई है। इसके बाद श्री राधाकृष्ण बड़े मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
शाम को डीजे की धुन पर शहर में भव्य रैली निकाली जाएगी। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः श्री राधाकृष्ण बड़े मंदिर पहुंचेगी, जहां उसका समापन होगा।
सर्व यादव समाज के मीडिया प्रभारी संजय यादव ने बताया कि आयोजन को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और हर व्यवस्था के लिए जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने जिलेवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होकर गोविंदा उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।
81 टोलियां, 31 गोपी मटकियां, राऊत नाचा, अखाड़ा और झांकी—इस बार कवर्धा का गोविंदा उत्सव धार्मिक आस्था के साथ यादव समाज की एकजुटता और पारंपरिक संस्कृति का भी बड़ा मंच बनने जा रहा है।