BP NEWS CG
कवर्धाछत्तीसगढ़बड़ी खबरसिटी न्यूज़

“अमृत सरोवर बने संविधान दिवस के सामाजिक समरसता केंद्र — मनरेगा मॉडल ने जल संरक्षण व जनभागीदारी की नई मिसाल पेश की”

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
संविधान दिवस के अवसर पर जिले के अमृत सरोवर सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और राष्ट्रीय चेतना के केंद्र के रूप में उभरकर सामने आए। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से निर्मित इन सरोवरों में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन, जल संरक्षण गतिविधियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने ग्रामीण जीवन में लोकतांत्रिक मूल्यों का नया संदेश दिया।
जिले के सभी 112 अमृत सरोवरों—जिनका निर्माण मनरेगा के तीन चरणों में हुआ है—में संविधान दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रामीणों ने प्रस्तावना की शपथ ली, गाद निकासी कर जल संरक्षण का संदेश दिया, सफाई अभियान चलाया और पौधरोपण कर सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि “अमृत सरोवर सिर्फ जल संरक्षण संरचनाएँ नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता के प्राण केंद्र हैं। राष्ट्रीय अवसरों पर यहां आयोजित गतिविधियाँ गांवों में एकजुटता और जागरूकता बढ़ाती हैं।”
इसी क्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिले के सभी अमृत सरोवरों में संविधान दिवस पर जनभागीदारी बड़े पैमाने पर रही। “एक प्रण जल संरक्षण” थीम पर ग्रामीणों ने स्वयं आगे बढ़कर सरोवरों की साफ-सफाई की और इन्हें सामुदायिक उपयोग के मॉडल स्थल के रूप में विकसित किया।
महात्मा गांधी नरेगा से निर्मित अमृत सरोवरों पर आधारित यह आयोजन जल संरक्षण, पर्यावरणीय जागरूकता, संविधानिक मूल्यों और सामाजिक एकता का अनूठा संगम बनकर राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत करता है।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

“विश्व पर्यटन दिवस : मिनी शिमला से खजुराहो तक, प्रकृति और धरोहर का अद्भुत संगम”

Bhuvan Patel

लोकसभा निर्वाचन-2024 जनप्रतिनिधियों के पास संलग्न कर्मचारियों की मूल विभाग में होगी वापसी  

Bhuvan Patel

भाजपा किसान मोर्चा दुल्लापुर मंडल अध्यक्ष बने राजेंद्र साहू, संगठन में नई ऊर्जा

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!