कवर्धा/पांडातराई। दीपावली से ठीक पहले जब पूरा प्रदेश रोशनी के उत्सव की तैयारी में जुटा है, तब पांडातराई नगर पंचायत अंधेरे में डूब गया है। लगभग 62 लाख 52 हजार 770 रुपये के बिजली बिल बकाया के चलते नगर पंचायत की बिजली आपूर्ति काट दी गई।
बिजली कटौती का असर बस स्टैंड डिवाइडर के स्ट्रीट लाइट, भारत माता चौक, नव-निर्मित उप तहसील भवन सहित कई सार्वजनिक स्थलों पर दिखा। नगरवासियों ने बताया कि पंचायत के सभी बोरवेलों की बिजली भी काटी जा रही थी, जिससे पूरे नगर में जल संकट खड़ा हो जाता। नागरिकों के निवेदन और आपात आग्रह पर पानी की आपूर्ति वाले कनेक्शन को अस्थायी रूप से बहाल किया गया।
स्थानीय लोगों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय अनुशासन की विफलता बताया। दीपावली के पहले अंधेरा छाने से लोगों में नाराज़गी है। व्यापारियों ने कहा कि “जब पूरा देश दीयों से जगमगाएगा, तब पांडातराई के मुख्य चौक और सड़कों पर सन्नाटा रहेगा।”
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि बकाया भुगतान नहीं होने पर नगर पंचायत की बिजली काटना मजबूरी थी। वहीं नागरिकों ने शासन से अपील की है कि ‘रोशनी का पर्व अंधेरे में न बीते’, इसके लिए त्वरित समाधान निकाला जाए।