जिला एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण में गंभीर चूक के कारण राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है। बीते कुछ ही दिनों में तेंदुआ और बायसन (गौर) की मौतों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कवर्धा के जंगल अब शिकारियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बनते जा रहे हैं।
ताज़ा मामला सहसपुर लोहारा वन परिक्षेत्र का है, जहाँ सोनझरी परिसर में एक तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने पंचनामा, जप्ती और कानूनी कार्रवाई की औपचारिकताएँ पूरी कीं। जांच के दौरान 21.300 किलोग्राम जी.आई. तार बरामद किया गया, जिससे यह आशंका प्रबल होती है कि तेंदुए की मौत करंट प्रवाहित तार से शिकार के कारण हुई।



