अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बोडला ,पंडरिया ,कवर्धा , सहसपुर लोहारा द्वारा जारी अनुमति आदेश के कंडिका 10 में स्पष्ट रूप से डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी गई है, इसके बावजूद क्षेत्र में खुलेआम डीजे की तेज आवाज गूंज रही है। प्रशासनिक आदेश की इस खुलेआम अवहेलना से यह सवाल उठने लगा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस पर कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक क्यों बने हुए हैं।

जारी आदेश में ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ डीजे बजाने पर स्पष्ट रोक लगाई गई है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि सार्वजनिक या निजी स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित सीमा में ही किया जाएगा और डीजे बजाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद कार्यक्रमों और आयोजनों में देर रात तक डीजे की तेज धुनों पर नाच-गाना चलता रहता है, जिससे साफ प्रतीत होता है कि प्रशासनिक आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
सबसे अहम बात यह है कि उक्त आदेश की सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतिलिपि जिले के कई जिम्मेदार अधिकारियों को भेजी गई है, जिनमें—
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, जिला कबीरधाम
पुलिस अधीक्षक, जिला कबीरधाम
अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस),
तहसीलदार,
थाना प्रभारी,
जैसे अधिकारी शामिल हैं। इन सभी को आदेश की जानकारी होने के बावजूद यदि क्षेत्र में खुलेआम डीजे बज रहा है तो यह सीधे-सीधे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।



