कवर्धा। कवर्धा-चिल्फी वनांचल क्षेत्र के सरोधादादर में हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस जघन्य वारदात को लेकर महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष एवं जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सीमा अनंत ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
सीमा अनंत ने कहा कि कुछ ही दिन पहले रायपुर रोड कवर्धा में गैंगरेप की घटना सामने आई थी और अब सरोधादादर में फिर से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “अपराधियों के मन में न पुलिस का डर बचा है और न कानून का भय। महिलाएं आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। हत्या, लूट, दुष्कर्म जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।”
उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी की “डबल इंजन सरकार” को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। “जब लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो सवाल उठता है कि जिला प्रशासन और पुलिस आखिर कर क्या रहे हैं? क्या सरकार की कानून पर पकड़ ढीली पड़ चुकी है?” उन्होंने पूछा।
सीमा अनंत जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से मिलीं, उनका हालचाल जाना और परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पीड़िता, जिसे समाज में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों के रूप में सम्मानित आदिवासी वर्ग से माना जाता है, के साथ हुई इस दरिंदगी ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। “ऐसी भयावह स्थिति में महिलाएं खुद को कैसे सुरक्षित और सशक्त महसूस करेंगी?” उन्होंने सवाल उठाया।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग की है कि पीड़िता को तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए तथा परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी प्रदान की जाए, ताकि उनका जीवन यापन सुरक्षित हो सके। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की।
सीमा अनंत ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की तो महिला कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की अस्मिता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।