सरकारी नौकरी का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपए ऐंठने वाले गिरोह के फरार आरोपी अनिल भास्कर (42 वर्ष), निवासी ग्राम दुम्हानी जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
मामला तब सामने आया जब प्रार्थी नंदकुमार साहू, निवासी ग्राम बरेली ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने छात्रावास अधीक्षक पद के लिए आवेदन किया था। इसी बीच आरोपियों ने उसे और उसके मित्र अजीत कुमार को शासकीय विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए रेलवे विभाग में नियुक्ति कराने का दावा किया और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया।
विश्वास में लेकर आरोपियों ने कुल ₹4,90,500 की राशि वसूल ली। बाद में जब नियुक्ति की सच्चाई सामने आई तो पूरा मामला फर्जी निकला। शिकायत पर अपराध क्रमांक 281/2024 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 34 भादवि के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इस प्रकरण में पहले ही दो आरोपी—नरेश मनहरे और हीरा दिवाकर—को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं गिरोह का तीसरा सदस्य अनिल भास्कर फरार था। सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्राम दुम्हानी में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया है।
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है।