कवर्धा, ग्रामीण विकास और रोजगार के क्षेत्र में देश एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी-राम-जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत बोड़ला के ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया जाएगा। यह कार्यक्रम केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं योजना का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा तिरुपति से वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा।
यह नई योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगी और ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़े बदलाव लाएगी। अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार मिलेगा। साथ ही मजदूरों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि मजदूरी भुगतान 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्रामीण श्रमिकों के लिए एक और बड़ी सौगात के रूप में अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। यह वृद्धि सीधे तौर पर लाखों ग्रामीण परिवारों की आय में सुधार लाएगी और आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। विकसित गांव से विकसित राष्ट्र की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए जल संरक्षण, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन और कौशल विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल के अनुसार योजना में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीआईएस, ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
स्पष्ट है कि जी-राम-जी योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने, पलायन रोकने और भारत के गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाने का राष्ट्रीय अभियान बनकर उभर रही है। यह योजना आने वाले वर्षों में ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर बदलने का आधार बन सकती है।