BP NEWS CG
Breaking Newsकवर्धाबड़ी खबरसमाचारसिटी न्यूज़

बच्चे नहीं शिक्षकों का हो रहा हैं परीक्षा , वर्षों बाद बोर्ड परीक्षा आयोजित

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
पंद्रह सौ केंद्र के लिए महज छः उड़नदस्ता टीम गठित
कवर्धा , वर्षों बाद पुनः पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा होने जा रहा है। जिसके लिए तैयारी पूर्ण कर लिया गया है।सभी शासकीय और निजी प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया है । मिली जानकारी अनुसार प्राथमिक विद्यालय (5 वि) मे 16617 और पूर्व माध्यमिक (8 वि )मे 17212 परीक्षार्थी शामिल हो रहे है। जिसके लिए जिला स्तर पर मात्र दो और विकासखंड स्तर पर एक एक उड़नदस्ता टीम गठित किया है। व्यवस्था को देखने से ही समझ आ रहा है कि परीक्षार्थियों का नहीं बल्कि शिक्षकों का परीक्षा हो रहा है।
उड़नदस्ता टीम महज औपचारिकता
कबीरधाम जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे लगभग तैंतीस हजार बच्चों के लिए मात्र जिला स्तर पर दो और ब्लाक स्तर पर एक एक उड़नदस्ता टीम गठित किया है। जो समझ से परे हैं। मात्र कबीरधाम जिला में छ उड़नदस्ता टीम ही नकल को रोकने का प्रयास करेगा । पंडरिया विकासखंड मुख्यालय से ब्लाक का अंतिम स्कूल लगभग 50 किलोमीटर दूर पगडंडियों और पहाड़ियों के बीच में है वैसे ही बोडला विकासखण्ड के मुख्यालय से रेंगाखार – खारा के आसपास के स्कूल की दूरी लगभग सौ किलोमीटर है। ऐसे स्थिति में उड़नदस्ता टीम महज औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
जिले में लगभग पंद्रह सौ परीक्षा केंद्र
मिली जानकारी अनुसार कबीरधाम में शासकीय प्राथमिक शाला 983 और पूर्व माध्यमिक 494 है इसके अलावा निजी स्कूल भी शामिल हैं। कबीरधाम जिले के सभी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया है, जिसमे प्राथमिक 16617 और माध्यमिक विद्यालयों में 17212 परीक्षार्थी शामिल होंगे । मतलब जितने भी स्कूल हैं सभी को परीक्षा केंद्र बनाया है। जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बोर्ड परीक्षा के नाम पर नकल की संभावना
शिक्षा के अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद से अध्ययनरत विद्यार्थियों का प्रगति पत्र बनाया जाता था लेकिन इस वर्ष उनका अंक सूची बनाया जाएगा । जिसके चलते पुनः बोर्ड परीक्षा आयोजित किया जा रहा है। अधिकाशं शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अक्षर ज्ञान नहीं है। कापी कलम पकड़ना और पढ़ना , लिखना तो बहुत दूर की बात है। इसे में सभी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया खुले आम तख्ता पर लिखकर सामूहिक नकल कराए जाने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। सामूहिक नकल के बावजूद परीक्षार्थी प्रश्न पेपर और उत्तरपुस्तिका पर उत्तर नहीं लिख सकता जो विभाग के लिए और शिक्षकों के लिए चुनौती है।

Related posts

15 मई तक मिलेगा मौका: आवास प्लस सर्वे की समयसीमा बढ़ी, छूटे हुए पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ

Bhuvan Patel

जनजातीय उत्थान की मिसाल बना देवसिंह बैगा का पक्का घर, मगर सवालों के घेरे में जनमन योजना की प्रगति

Bhuvan Patel

भावना बोहरा ने बारदाना व धान खरीदी,रेडी टू ईट और अन्त्योदय खाद्यान्न योजना के संबंध में विधानसभा में उठाया मुद्दा

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!