कवर्धा नगरवासियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और पारिवारिक वातावरण देने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल करते हुए नगर पालिका और पुलिस प्रशासन ने सुधा वाटिका में औचक निरीक्षण कर एक स्पष्ट संदेश दिया—अब उद्यानों में असामाजिक तत्वों की कोई जगह नहीं।
संयुक्त निरीक्षण दल में शामिल रहे: नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, एसडीओपी श्री कृष्णा चंद्राकर, कोतवाली थाना प्रभारी श्री लालजी सिंहा, नगर के सभी पार्षदगण व पुलिस अधिकारी। निरीक्षण के दौरान पार्क की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा इंतज़ाम और उपस्थित लोगों की गतिविधियों का बारीकी से परीक्षण किया गया।
संदिग्धों को दी चेतावनी: पार्क में मौजूद कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कर दिया गया कि उद्यानों में किसी भी प्रकार की अश्लील, आपत्तिजनक या आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्क बच्चों, बुज़ुर्गों और परिवारों के सुकून का स्थान हैं, असामाजिक जमावड़ों का नहीं।
प्रशासनिक संकल्प और संदेश:
नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा,
“उद्यान केवल हरियाली के प्रतीक नहीं, समाज की चेतना का केंद्र होते हैं। हमारा उद्देश्य उन्हें सभी वर्गों के लिए सुरक्षित और स्वागतयोग्य बनाना है।”
एसडीओपी श्री कृष्णा चंद्राकर ने दोहराया,
“पुलिस का उद्देश्य भयमुक्त वातावरण तैयार करना है। औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई होगी।”
इस संपूर्ण अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (IPS) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल व श्री पंकज पटेल के मार्गदर्शन में किया गया।
नागरिकों से अपील: प्रशासन ने सभी शहरवासियों से आह्वान किया है कि वे पार्कों की सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, जिससे समय पर कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
एक प्रेरणादायक पहल: यह संयुक्त पहल न केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई है, बल्कि एक सजग और संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरणास्पद कदम है। यदि नागरिकों की जागरूकता और प्रशासन की सतर्कता साथ चले, तो कवर्धा को राज्य में स्वच्छता, सुंदरता और सुरक्षा के मामले में आदर्श बनाया जा सकता है।