“तिरंगा सिर्फ ध्वज नहीं, यह हमारी आन-बान और शान का प्रतीक है” — इसी अमर संदेश के साथ दिल्ली पब्लिक स्कूल, महाराजपुर ने भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस का ऐतिहासिक और अविस्मरणीय आयोजन किया। पूरा विद्यालय प्रांगण तिरंगे के रंगों से सराबोर होकर एकता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संदेश दे रहा था।
राष्ट्रध्वज ने भरा जोश
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सूबेदार धर्मगुरु पं. घनश्याम प्रसाद साहू (भूतपूर्व भारतीय थल सेना सैनिक) द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुआ। तिरंगे के सामने खड़े सैकड़ों छात्र-छात्राओं और अतिथियों की आँखों में गौरव और समर्पण की चमक देखते ही बनती थी।
वीरता और अनुशासन का संदेश
विशिष्ट अतिथि के रूप में हवलदार प्रदीप आस्था, हवलदार छोटे लाल वाकरे (आर.आई.) एवं हवलदार अब्दुल सईद (पूर्व सैनिक, आर्मी एयर डिफेंस, शिक्षक) की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बना दिया।
विद्यालय के निदेशक श्री अशीष अग्रवाल एवं श्री अभिषेक अग्रवाल तथा प्राचार्या महोदया ने स्वतंत्रता दिवस की इस अनोखी संध्या में विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
विद्यार्थियों की अनोखी प्रस्तुतियाँ
कविता पाठ, प्रेरणादायी भाषण, देशभक्ति गीत, नृत्य, सेल्फ-डिफेंस प्रदर्शन और अनुशासित ड्रिल — हर प्रस्तुति ने उपस्थित सभी अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विशेष रूप से नन्हे-मुन्ने बच्चों की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भावविभोर कर दिया।
सैनिकों का भावपूर्ण उद्बोधन
मुख्य अतिथि सूबेदार धर्मगुरु पं. घनश्याम प्रसाद साहू ने सेना में बिताए अपने संघर्षपूर्ण जीवन की स्मृतियाँ साझा करते हुए विद्यार्थियों से कहा —
“अनुशासन, परिश्रम और देशभक्ति ही वह शक्ति है जो एक विद्यार्थी को न केवल सफल नागरिक बल्कि सच्चा देशभक्त बनाती है।”
उनके ओजस्वी विचारों ने बच्चों ही नहीं, बल्कि उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्योति और प्रज्वलित कर दी।
कार्यक्रम का समापन “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ हुआ। तिरंगे की छांव में गूंजते इन राष्ट्रभक्ति के स्वर देर तक वातावरण को गूंजाते रहे।