कवर्धा। वन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की बात करने वाले विभाग की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। वन परिक्षेत्र कवर्धा के बैरख में मुख्य मार्ग पर सैगौन का हरा-भरा वृक्ष दिनदहाड़े काट दिया गया और विभाग को भनक तक नहीं लगी।
ग्रामीणों के अनुसार, सूचना देने के बावजूद बिट गार्ड से लेकर डिप्टी रेंजर और रेंजर तक मौके पर नहीं पहुँचे। अंततः करीब डेढ़ घंटे बाद वन रक्षक मीना मेरावी पहुँची और औपचारिकता निभाते हुए केवल इतना कहा कि “कार्रवाई कर विभाग को सूचित करूंगी।”
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों से बेखबर हैं। यह लापरवाही न केवल सैगौन जैसे बहुमूल्य वृक्षों के अस्तित्व को खतरे में डाल रही है, बल्कि वन्यजीव और पर्यावरण पर भी गहरा संकट खड़ा कर रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो, नियमित गश्त व निगरानी सुनिश्चित की जाए, अन्यथा जंगलों से सैगौन जैसी प्रजातियाँ पूरी तरह गायब हो जाएँगी।
वनों का संरक्षण केवल हरियाली ही नहीं, बल्कि जलवायु संतुलन, जैव विविधता और मानव जीवन के लिए भी आवश्यक है। यदि अवैध कटाई पर तत्काल अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह समस्या आने वाले समय में गंभीर पर्यावरणीय संकट का रूप ले लेगी।