कवर्धा /पांडातराई, जिले के छात्रावासों में इन दिनों अनुशासन और शिक्षा का माहौल बिगड़ता जा रहा है। पंडातराई छात्रावास अधीक्षक धर्मेन्द्र पटेल द्वारा एबीवीपी कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज ने विद्यार्थियों में गुस्से की आग भड़का दी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधीक्षक पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र आंदोलन सड़कों पर होगा और इसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी।
नगर मंत्री हिरेंद्र बघेल ने साफ कहा –
“विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के बजाय गाली-गलौज करना किसी भी अधीक्षक को शोभा नहीं देता। यह शिक्षा के माहौल को दूषित करने का कृत्य है। प्रशासन यदि चुप बैठा रहा तो विद्यार्थी परिषद आर-पार की लड़ाई लड़ेगी।”
इधर, छात्रावास अधीक्षक संघ ने भी अपना मोर्चा खोल दिया है। संघ ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि छात्रावासों में बाहरी तत्व घुसकर अधीक्षकों को धमकाते हैं, अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हैं और कर्मचारियों का मनोबल तोड़ रहे हैं। अधीक्षक संघ ने मांग की है कि –
बाहरी तत्वों का छात्रावासों में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित हो।
दोषी कर्मचारियों को मात्र स्थानांतरण नहीं, बल्कि निलंबन की सजा दी जाए।
अधीक्षकों को उनके पदस्थापित स्थानों का पूरा कार्यभार तत्काल सौंपा जाए।
इन घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि कबीरधाम के छात्रावास अब शिक्षा के मंदिर नहीं, बल्कि टकराहट और विवाद का अड्डा बनते जा रहे हैं।
बड़ा सवाल
क्या प्रशासन की चुप्पी अराजकता को बढ़ावा दे रही है ।
क्या छात्र और अधीक्षक दोनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा ।
कब तक शिक्षा व्यवस्था ऐसे विवादों की बलि चढ़ती रहेगी ।
अब प्रशासन को यह तय करना होगा कि छात्रावासों में शिक्षा का माहौल कायम होगा या फिर टकराहट और गाली-गलौज ही छात्रों का भविष्य तय करेगी।