छत्तीसगढ़ की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राज्य के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकी राम कंवर को रायपुर में हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) कर लिया गया। वे कोरबा कलेक्टर अजित वसंत को हटाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देने जा रहे थे।
🔹 प्रशासन ने धरना रोका, नजरबंद किए गए कंवर
सूत्रों के अनुसार, रायपुर पहुंचने पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें धरना स्थल जाने से रोकते हुए एम्स के पास स्थित एक गेस्ट हाउस “गहोई भवन” में नजरबंद कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
“मैंने पार्टी और सरकार दोनों से कई बार निवेदन किया कि कोरबा में प्रशासनिक गड़बड़ी की जांच कराई जाए, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब आवाज़ उठाने पर ही रोक लगा दी गई है।”
🔹 सरकार का पक्ष
वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कंवर की शिकायतों पर कमिश्नर स्तर पर जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि “धरना देने की कोई आवश्यकता नहीं थी, मामला प्रशासनिक स्तर पर देखा जा रहा है।”
🔹 सियासी हलचल तेज
पूर्व मंत्री के इस कदम से भाजपा के भीतर हलचल मच गई है। विपक्ष ने इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश” करार दिया है, जबकि पार्टी नेतृत्व स्थिति को “अनुशासनात्मक संवाद” का हिस्सा बता रहा है।