कवर्धा। छत्तीसगढ़ का कवर्धा नगर शनिवार की शाम भक्ति, सौंदर्य और संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जब नगर के मध्य में निर्मित ‘हनुमंत वाटिका’ का भव्य लोकार्पण हुआ। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पारंपरिक केसरिया परिधान में पहुंचकर वैदिक मंत्रोच्चार और हनुमान चालीसा के मधुर स्वर के बीच वाटिका का उद्घाटन और विशाल हनुमान प्रतिमा का अनावरण किया।
आस्था से ओतप्रोत आयोजन में ‘जय बजरंग बली’ के जयघोष से पूरा कवर्धा गूंज उठा। दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर राजीव लोचन दास महाराज के आशीर्वचन और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा — “हनुमंत वाटिका केवल एक पार्क नहीं, बल्कि यह कवर्धा की आस्था, संस्कृति और स्वच्छता का प्रतीक है। यह नगर के विकास और जनभावना दोनों का संगम स्थल बनेगा।”
लोकार्पण के बाद संपन्न महाआरती और रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी ने पूरे नगर को उत्सवमय बना दिया। दीपों की जगमगाहट, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि से वातावरण दिव्यता से भर उठा।
जहां कभी अव्यवस्था और झोपड़ीनुमा दुकानें थीं, वहां अब हनुमंत वाटिका के रूप में हरियाली, वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम, बच्चों के झूले और विशाल हनुमान प्रतिमा जैसे आकर्षणों ने जन्म लिया है।
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा — “यह वाटिका कवर्धा की सुंदरता और आध्यात्मिकता दोनों को एक नई पहचान दे रही है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।”
कार्यक्रम में वाटिका निर्माण और मूर्तिकला से जुड़े कारीगर धनेश चंद्रवंशी, चित्रकार योगेश साहू और निर्माण प्रभारी बलविंदर खुराना को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, राजीव लोचन दास महाराज, कृषक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र चंद्रवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और हजारों नागरिक उपस्थित रहे।
संदेश
“हनुमंत वाटिका” केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, पर्यावरण और स्वच्छता के समन्वय का जीवंत उदाहरण है — यह नगर सौंदर्यीकरण, लोक संस्कृति और धार्मिक पर्यटन के प्रोत्साहन की दिशा में कवर्धा को नई पहचान देने वाला प्रयास है।