दीपावली पर छत्तीसगढ़ सरकार की ऐतिहासिक पहल — गन्ना किसानों को 11.09 करोड़ का बोनस, ‘बलराम सदन किसान रेस्ट हाउस’ का लोकार्पण कर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी समृद्धि की सौगात
छत्तीसगढ़ सरकार ने दीपावली के अवसर पर किसानों के हित में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ा है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने शनिवार को पंडरिया स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना परिसर में 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित “बलराम सदन किसान रेस्ट हाउस” का लोकार्पण किया और गन्ना किसानों को 11.09 करोड़ रुपये के बोनस भुगतान की सौगात दी।
यह अवसर किसानों के लिए आर्थिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हुआ है। उपमुख्यमंत्री ने धनतेरस के दिन गन्ना विक्रेता किसानों को यह बोनस राशि प्रदान करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इस मौके पर शेयरधारक गन्ना उत्पादक किसानों को रियायती दर पर 50 किलो शक्कर वितरण भी किया गया, जिससे किसानों की दीपावली खुशियों से भर गई।
कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा ने पंडरिया में किसान सदन, 5 लाख की लागत से सीसी रोड, और 2 लाख 50 हजार की लागत से नाली निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति है — “किसान की समृद्धि ही राज्य की समृद्धि है।”
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना की वर्तमान पेराई क्षमता 4,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन है और राज्य सरकार इसकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है ताकि किसानों को बेहतर मूल्य और सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों की वर्षों पुरानी मांग के अनुरूप निर्मित बलराम सदन किसान रेस्ट हाउस अब गन्ना विक्रेताओं के ठहराव, विश्राम और प्रतीक्षा के दौरान सभी सुविधाओं से युक्त केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
कारखाना प्रबंधन के अनुसार, वर्ष 2024–25 के पेराई सीजन में गन्ना विक्रय करने वाले किसानों को अब तक कुल 126.53 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसमें मई 2025 में समर्थन मूल्य के रूप में 87.65 करोड़, जुलाई में रिकवरी भुगतान के तौर पर 27.79 करोड़, और अब दीपावली से पूर्व 11.09 करोड़ रुपये के बोनस शामिल हैं। इस सीजन में कुल 11,763 किसानों द्वारा 2,78,177 मीट्रिक टन गन्ने की आपूर्ति की गई है।
बलराम सदन किसान रेस्ट हाउस अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें एसी कक्ष, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, टीवी, आरामदायक बैठने की व्यवस्था और मनोरंजन के साधन उपलब्ध हैं। इससे हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा —
“यह कारखाना किसानों का है और इसे आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी भी किसानों की है। सरकार चाहती है कि हर किसान आत्मनिर्भर बने और अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त करे।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में किसानों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी तेजी से काम चल रहा है। कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिल चुकी है, जिला अस्पताल को 220 बिस्तरों में अपग्रेड किया जा रहा है, और आधुनिक सिटी स्कैन मशीन पहले ही स्थापित की जा चुकी है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कवर्धा में ‘हनुमंत वाटिका’ का भी लोकार्पण किया जाएगा और चिल्फी से रेंगाखर मार्ग हेतु 11 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है, जो इस क्षेत्र को पर्यटन एवं व्यापारिक दृष्टि से नई पहचान देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन का ऐतिहासिक कार्य जारी है — “एक ही दिन में 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे हैं, यह छत्तीसगढ़ की शांति और विकास यात्रा का नया अध्याय है।”
दीपावली से पूर्व हुए इन घोषणाओं और सौगातों ने प्रदेश के गन्ना किसानों को आर्थिक शक्ति, आत्मगौरव और नई ऊर्जा से भर दिया है।