कवर्धा/बोड़ला, नेशनल हाईवे-30 एक बार फिर हादसे का गवाह बना। बुधवार की सुबह अमलीडीही के पास तेज रफ्तार आयचर वाहन ने सामने से आ रही HF डीलक्स बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में लालाराम/पूरन मेश्राम (निवासी बैरख) और मिलाप उर्फ साखू धुर्वे (55 वर्ष, निवासी रानीदहरा बैरख) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों बोड़ला से घर लौट रहे थे कि यह दर्दनाक हादसा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आयचर चालक मौके से वाहन सहित फरार हो गया। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला लाया गया।
बेटे का कर्तव्य बना मिसाल
घायल पिता को खुद पहुंचाया अस्पताल
घटना का सबसे भावुक पल तब सामने आया जब डायल-112 वाहन चालक कृष्णा धुर्वे मौके पर पहुंचा और गंभीर रूप से घायल अपने पिता मिलाप धुर्वे को उसी सरकारी वाहन से अस्पताल ले गया। यह दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं — एक बेटे की सेवा भावना और ड्यूटी का अनोखा संगम सभी के लिए प्रेरणा बन गया।
जान पर भारी लापरवाही
दोनों बाइक सवारों ने हादसे के वक्त हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर पर गंभीर चोटें आईं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हेलमेट का उपयोग किया गया होता तो चोटों की गंभीरता कम हो सकती थी।
अमलीडीही का मोड़ बना ‘ब्लैक स्पॉट’, लगातार हादसे फिर भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि अमलीडीही के अंधे मोड़ के कारण वाहन चालक सामने से आने वाले को नहीं देख पाते, जिससे हादसे लगातार हो रहे हैं। वन विभाग के पज जांच नाका (बोड़ला) से लेकर अमलीडीही मोड़ तक कई दुर्घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिनमें दो युवकों की मौत भी हो चुकी है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि एनएच-30 के इस हिस्से में स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और हेलमेट जांच अभियान चलाया जाए। नागरिकों ने कहा — “प्रशासन की लापरवाही अब जानलेवा बन चुकी है, कार्रवाई अब नहीं तो कब ।