राष्ट्रीय ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव के अवसर पर कबीरधाम जिले में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और पंचायत भवनों में एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। जिला स्तरीय मुख्य आयोजन जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में हुआ, जहां दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्मरणोत्सव से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया गया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति है। यह गीत भारत की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् का हर स्वर भारत के स्वाभिमान, एकता और स्वतंत्र अस्तित्व का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन का उद्घोष बनकर उभरा, जिसने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने की प्रेरणा दी। यह केवल प्रतिरोध का स्वर नहीं बल्कि आत्मबल जगाने वाला मंत्र था।
श्री मोदी ने कहा कि “वंदे मातरम् में भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और समृद्धि की कहानी समाहित है। आज भी यह गीत उतना ही प्रासंगिक है जितना स्वतंत्रता संग्राम के समय था।” उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वंदे मातरम् के भाव को जीवन में आत्मसात करें और मां भारती की सेवा को सर्वोच्च लक्ष्य बनाएं।
इस अवसर पर कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, जिला पंचायत सभापति श्री रामकुमार भट्ट, डॉ. बीरेन्द्र साहू, श्री विजय पटेल, श्री रामकिंकर वर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलेभर में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ और ग्रामीणजन एक साथ भारत माता की जयघोष करते हुए वंदे मातरम् के स्वरों में एकाकार हो गए। देशभक्ति के भाव से सराबोर यह आयोजन एकता और समर्पण की अद्भुत मिसाल बन गया।