जिले में निर्वाचन कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और मद्यपान जैसी गंभीर शिकायतों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधानपाठक और दो सहायक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय आदेश को जिले में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति को लागू करने की सख्त पहल माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार विकासखंड सिमगा के शासकीय प्राथमिक शाला मोटियारीडीह में पदस्थ प्रधानपाठक उमेश कुमार वर्मा और सहायक शिक्षक (एलबी) संदीप कुमार साहू के विरुद्ध गंभीर आरोप सिद्ध हुए। दोनों को मद्यपान कर विद्यालय आने, शाला समय के दौरान अनुपस्थित रहने तथा शिक्षकीय कर्तव्यों की अवहेलना करते पाया गया। इसी तरह शासकीय प्राथमिक शाला दर्रीपारा केसदा में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) मिथलेश कुमार वर्मा को निर्वाचन कार्य में बी.एल.ओ. के महत्वपूर्ण दायित्व के बावजूद कर्तव्य का निर्वहन नहीं करने का दोषी पाया गया। निर्वाचन जैसे अत्यंत संवेदनशील कार्य में लापरवाही को गंभीर अपराध मानते हुए विभाग ने उन पर भी कार्रवाई की है। शिक्षकों के ये कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 9 का उल्लंघन पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तीनों को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में प्रधानपाठक व सहायक शिक्षकों का मुख्यालय क्रमशः विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कसडोल एवं पलारी निर्धारित किया गया है। इस अवधि में वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता के पात्र रहेंगे। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग के संदेश को स्पष्ट करती है कि अनुशासनहीनता और निर्वाचन कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।