बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या ओझा-बैगा के पास समय गंवाने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज कराएं।
बलौदा बाजार कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि अंधविश्वास में समय गंवाना जानलेवा हो सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी ने बताया कि सर्पदंश का इलाज केवल एंटीवेनम से संभव है, जो सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है।
बलौदा बाजार जिला नोडल अधिकारी डॉ. अभिजीत बैनर्जी ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, काटे गए अंग को न हिलाएं और न ही कसकर बांधें। टॉर्च और जूते का उपयोग करें, घर व आस-पास सफाई रखें और चूहों को आकर्षित करने वाली वस्तुएं जैसे धान आदि कमरे में न रखें।
जनजागरूकता के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने एडवायजरी जारी कर सर्पदंश से सतर्क रहने और सही समय पर सही इलाज की अपील की है।