संविधान दिवस पर इस वर्ष जिले ने एक अनोखी मिसाल पेश की। कलेक्टर के निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों के अमृत सरोवर स्थलों पर संविधान दिवस का सामूहिक एवं जनभागीदारी आधारित आयोजन हुआ। यह आयोजन न केवल संवैधानिक मूल्यों का सम्मान था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने का भी प्रतीक बना।
आयोजन के दौरान महात्मा गांधी नरेगा श्रमिकों, स्व-सहायता समूहों के सदस्यों, स्थानीय युवाओं और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। इसके बाद संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों और भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों पर केंद्रित संगोष्ठि आयोजित की गई, जिसमें आमजन को जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम को जनआंदोलन का रूप देते हुए सहभागी समूहों ने अमृत सरोवर स्थल की सफाई अभियान चलाया। युवाओं और छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जल संरक्षण को लेकर प्रभावी संदेश दिया। सभी उपस्थित लोगों ने “एक प्रण – जल संरक्षण” की सामूहिक शपथ लेकर जल संसाधनों के संरक्षण व सुरक्षा का संकल्प दोहराया।
अमृत सरोवर परिसर में संविधान दिवस और मिशन अमृत सरोवर पर आधारित सूचनात्मक बोर्ड और पोस्टर भी लगाए गए, जो जनजागरण के सशक्त माध्यम बन रहे हैं।
यह संयुक्त पहल संवैधानिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण—दोनों राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को जोड़ते हुए लोकभागीदारी की ऐसी मिसाल बन गई, जो अन्य जिलों को भी प्रेरित कर सकती है।