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13 हजार लोगों की जमा पूंजी पर डाका, 29 करोड़ की ठगी के दो और आरोपी गिरफ्तार

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कवर्धा। हजारों लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने और आकर्षक ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले बहुचर्चित पीएसीएल (पल्स एग्रोटिक कार्पोरेशन लिमिटेड) चिटफंड घोटाले में कबीरधाम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वर्षों से निवेशकों की गाढ़ी कमाई फंसाने वाले इस मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

प्रकरण में दर्ज शिकायतों के अनुसार कंपनी के एजेंटों एवं संचालकों ने ग्रामीण और आम निवेशकों को बड़े मुनाफे का सपना दिखाकर निवेश कराया था। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद जब लोगों ने अपनी राशि वापस मांगी तो कंपनी और उसके जिम्मेदार लोगों ने रकम लौटाने के बजाय टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

जांच के दौरान सामने आया कि पीएसीएल कंपनी ने कबीरधाम जिले के 13,275 जमाकर्ताओं से लगभग 29 करोड़ 72 लाख 41 हजार 178 रुपये जमा कराए थे। निवेशकों को ब्याज सहित रकम लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई। इस खुलासे ने जिले के सबसे बड़े चिटफंड घोटालों में से एक की तस्वीर साफ कर दी।

मामले की विवेचना में पूर्व में कंपनी से जुड़े कई संचालकों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है। वहीं फरार एवं अन्य राज्यों में मौजूद आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मामले के आरोपी गुरनाम सिंह और गुरूजंत सिंह गिल उत्तरप्रदेश के जालौन जिले की उरई जेल में निरुद्ध हैं।

सूचना के आधार पर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर विशेष टीम को भेजा गया। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त करने के बाद दोनों आरोपियों को कबीरधाम लाया गया। जांच में उनकी भूमिका से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में गुरनाम सिंह (70 वर्ष), निवासी जिला रूपनगर (रोपड़), पंजाब तथा गुरूजंत सिंह गिल (76 वर्ष), निवासी मोहाली, पंजाब शामिल हैं। दोनों पर निवेशकों से धन संग्रह कर रकम वापस नहीं करने और धोखाधड़ी में संलिप्त रहने के गंभीर आरोप हैं।

पीएसीएल घोटाले ने हजारों परिवारों को आर्थिक संकट में धकेल दिया था। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की बचत, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों के लिए जमा रकम इस कंपनी में निवेश कर दी थी। राशि वापस नहीं मिलने से अनेक परिवार आज भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और चिटफंड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। निवेशकों की रकम हड़पने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो अधिक मुनाफे का झांसा देकर जनता की मेहनत की कमाई पर डाका डालने का प्रयास करते हैं।

आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संस्था या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधानिकता, पंजीयन और विश्वसनीयता की पूरी जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आर्थिक ठगी का शिकार न होना पड़े।

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