जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और किसानों के हित में सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पंडरिया विकासखंड के कुकदूर धान उपार्जन केंद्र में जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर उपार्जन केंद्र प्रभारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
खाद्य अधिकारी श्री सचिन मरकाम ने बताया कि जिला स्तरीय जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में 628 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये से अधिक है। जांच में कमी सामने आने पर उपार्जन केंद्र प्रभारी अमित बाजपेई के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में लापरवाही या अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस विषय पर कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने समिति प्रबंधकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों एवं नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रीसाइकलिंग पर रोक, किसानों की सहमति से रकबा समर्पण तथा पूरी खरीदी प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
अवैध धान पर कड़ा शिकंजा
जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब तक 109 प्रकरणों में 11,607 क्विंटल धान जप्त किया जा चुका है, वहीं 46 वाहनों को जब्त कर मंडी एवं थानों की अभिरक्षा में रखा गया है। अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में 23 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां राजस्व, वन, पुलिस, सहकारिता एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीमें सतत निगरानी कर रही हैं।
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि किसानों के हितों की रक्षा, ईमानदार खरीदी और व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसी सख्त एवं निर्णायक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।