छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में एक अहम और त्वरित निर्णय लेते हुए धान खरीदी को दो दिनों के लिए फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश में 4 और 5 फरवरी को विशेष रूप से उन किसानों से धान खरीदा जाएगा, जो तकनीकी या अन्य कारणों से तय समय-सीमा में अपना धान नहीं बेच पाए थे।
वंचित किसानों को मिलेगा न्याय
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि समीक्षा के दौरान सामने आया था कि कई किसानों का टोकन कटने के बावजूद धान नहीं बिक पाया, वहीं कुछ किसानों का पंजीयन किसी कारणवश नहीं हो सका। सरकार ने ऐसे सभी किसानों का चिन्हांकन पूरा कर लिया है, ताकि कोई भी पात्र किसान धान बेचने से वंचित न रहे।
सरकार ने दिखाई तत्परता, तुरंत लिया निर्णय
किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने बिना देरी किए दो दिन की अतिरिक्त धान खरीदी का निर्णय लिया। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार जमीनी हालात पर नजर रखते हुए तुरंत सुधारात्मक फैसले लेने में सक्षम है।
केवल पात्र किसानों से होगी खरीदी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस विशेष अवधि में केवल उन्हीं किसानों से धान खरीदा जाएगा, जिनका धान पहले किसी कारणवश नहीं खरीदा जा सका था। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी और वास्तविक हितग्राहियों को ही लाभ मिलेगा।
किसान हित सर्वोपरि
प्रदेश सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। धान खरीदी दोबारा शुरू कर सरकार ने यह साफ कर दिया है कि किसान हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।