भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, भ्रष्टाचार, लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले और प्रशासनिक विफलताओं के खिलाफ कांग्रेस ने कवर्धा में कलेक्ट्रेट घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब, किसान और मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है। प्रदेश की 11 हजार से अधिक पंचायतों में मनरेगा का काम ठप है, जिससे लाखों मजदूरों का रोजगार छीना गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा पंचायतों को मजबूत करने की योजना थी, लेकिन भाजपा ने इसे कमजोर कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर ST-SC और कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर उनके वोट काटने की साजिश की जा रही है, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
कवर्धा को गृह मंत्री का गृह जिला बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके बावजूद हत्या, लूट, चोरी, डकैती, बलात्कार और अपहरण की घटनाएं बढ़ी हैं। लोहारीडीह, लालपुर और पुलिस कस्टडी में हुई मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में कार्रवाई हुई, लेकिन पीड़ितों को पूरा न्याय नहीं मिला।
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार धान खरीदने में विफल रही है। तीन लाख से अधिक किसान आज भी धान बेचने से वंचित हैं। भाजपा शासन में हजारों करोड़ का धान घोटाला हुआ है और कवर्धा में सामने आए 7 करोड़ के घोटाले में कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित है।
पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने कहा कि भाजपा की नीतियों से जनता पलायन को मजबूर है और जिला महिलाओं के लिए असुरक्षित बन चुका है।
पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल ने कहा कि मनरेगा को खत्म कर गरीबों से रोजगार छीना जा रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने बताया कि मनरेगा बचाओ महासंग्राम के तहत जिले की 400 से अधिक पंचायतों में जन चौपाल आयोजित की गईं और गांव-गांव जाकर सरकार की नीतियों का विरोध किया गया।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए यह आंदोलन आगे भी तेज किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।