जिले में सख्त कानून और लगातार कार्रवाई के बावजूद गौ तस्करी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तस्करों में न तो कानून का खौफ दिख रहा है और न ही पुलिस कार्रवाई का डर। एक बार फिर कबीरधाम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गौ तस्करी में लिप्त आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 अप्रैल 2026 की देर रात लोहारा की ओर से एक बोलेरो पिकअप वाहन क्रमांक CG 50 ZF 6923 में चार मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर अवैध रूप से मध्यप्रदेश के कत्लखाने ले जाया जा रहा था। इसी दौरान गौ सेवकों को शक हुआ और उन्होंने वाहन का पीछा किया। पीछा होते देख चालक घबराकर ग्राम सूपखार थाना रेंगाखार के पास वाहन और मवेशियों को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
सूचना मिलते ही रेंगाखार पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन समेत मवेशियों को अपने कब्जे में लिया। वाहन से दो भैंसी, एक भैंस और एक बछड़ा बरामद किया गया। जब्त मवेशियों की अनुमानित कीमत 1 लाख 50 हजार रुपए और बोलेरो पिकअप की कीमत लगभग 4 लाख रुपए आंकी गई है। इस तरह कुल 5 लाख 50 हजार रुपए का माल जब्त किया गया।
मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान बालाघाट (मध्यप्रदेश) के परिवहन विभाग से मिली जानकारी के आधार पर वाहन स्वामी तक पुलिस पहुंची। पूछताछ में आरोपी की पहचान शंकर सेंद्रे (31 वर्ष), निवासी मोहगांव थाना मलाजखंड जिला बालाघाट (म.प्र.) के रूप में हुई।
16 अप्रैल को पुलिस टीम ने मोहगांव पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया। थाना लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी ने गौ तस्करी करना स्वीकार कर लिया। विधिवत गिरफ्तारी के बाद 17 अप्रैल को उसे न्यायालय कवर्धा में पेश किया गया।
गौरतलब है कि जिले में लगातार कार्रवाई के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर अवैध पशु परिवहन में जुटे हुए हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि कानून की सख्ती के बावजूद तस्करों के हौसले पूरी तरह पस्त नहीं हुए हैं।
कबीरधाम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि गौ तस्करी या किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।