कबीरधाम जिले के रूप में पहचान रखने वाले कबीरधाम में अब धार्मिक स्थल भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गए हैं। फुलवारी परिसर स्थित हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी होने की घटना ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत कर दिया। हालांकि, मामले में राहत की बात यह रही कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के महज 6 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का खुलासा कर दिया।
घटना महाशिवरात्रि के आसपास की बताई जा रही है, जब मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा से चांदी का मुकुट चोरी हो गया था। बाद में जानकारी सामने आने पर 17 अप्रैल 2026 को थाना कोतवाली कवर्धा में अपराध दर्ज किया गया। मामला दर्ज होते ही पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी।
जांच के दौरान तीन आरोपी — योगेश दुबे उर्फ मोनू दुबे, देवी मिश्रा और मनीन्द्र सोनी — को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने मंदिर से मुकुट चोरी करना स्वीकार किया, जबकि एक अन्य आरोपी ने सहयोग किया। चोरी किया गया मुकुट स्थानीय सुनार को महज 1800 रुपये में बेच दिया गया था।
जांच में खुलासा हुआ कि सुनार ने चांदी के मुकुट को गलाकर नया मुकुट तैयार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नया तैयार किया गया मुकुट बरामद कर लिया है। तीनों आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण भी कराया गया, जहां उन्होंने अपने कृत्य को स्वीकार करते हुए पश्चाताप व्यक्त किया।
इस घटना के बाद शहर में यह चर्चा तेज है कि जब VIP जिले में आस्था के केंद्र भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आमजन की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजमी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े अपराधों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
साथ ही सोशल मीडिया पर मूर्ति खंडित होने की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।