कवर्धा। कबीरधाम जिले के कुण्डा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार पति-पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका चार वर्षीय मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान कृष्णा आढिले और उनकी पत्नी कीर्ति आढिले के रूप में हुई है। दोनों सारंगढ़ क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कृष्णा अपनी पत्नी और चार वर्षीय बेटे के साथ बाइक से ससुराल कोलेगांव जा रहे थे। इसी दौरान कुण्डा थाना क्षेत्र में सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक को पार करते समय उनकी बाइक सड़क किनारे गीली मिट्टी में फिसल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क के किनारे की मिट्टी बारिश के कारण कीचड़ में तब्दील हो चुकी थी। बाइक का संतुलन बिगड़ते ही कृष्णा और उनकी पत्नी सीधे ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनका मासूम बेटा दूर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी। घायल बच्चे को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुण्डा में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने घटनास्थल और कुण्डा थाना के पास चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। उनका कहना है कि सड़क किनारे शोल्डर कटिंग के दौरान मुरुम की जगह साधारण मिट्टी का उपयोग किया गया, जो बारिश में दलदल बन गई है। इससे आए दिन वाहन फिसलने की घटनाएं हो रही हैं।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार को तत्काल मौके पर बुलाने और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण होता तो आज दो जिंदगियां बच सकती थीं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और पुलिस हालात पर नजर रखे हुए है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में दोषियों पर कब और कैसी कार्रवाई करता है।