अवैध कच्ची महुआ शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग वृत्त स. लोहारा ने 08 मई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम सहसपुर में दबिश दी। गश्त के दौरान मिली मुखबिर सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 7 बल्क लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। जब्त मदिरा का बाजार मूल्य लगभग 700 रुपये बताया गया है।
आबकारी विभाग के अनुसार, दिनांक 08.05.2026 को वृत्त स. लोहारा क्षेत्र में अवैध मदिरा निर्माण और बिक्री की सूचना पर तीन स्थानों पर छापेमारी की गई। इन छापों में एक प्रकरण कायम किया गया है। ग्राम सहसपुर, वार्ड क्रमांक 13 निवासी रमेश कुमार खुसरो पिता मनराखन खुसरो, उम्र 53 वर्ष, जाति गोंड, के घर में दबिश दी गई। तलाशी के दौरान उसके मकान से 7 बल्क लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधित) की धारा 34(1)(क), 34(2) एवं 59(क) के तहत गैर जमानती प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। मामले को विवेचना में लिया गया है। आबकारी विभाग का कहना है कि अवैध शराब के धारण और विक्रय के विरुद्ध आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से कच्ची महुआ शराब के निर्माण और बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध मदिरा का यह कारोबार न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे भी उत्पन्न कर रहा है। कई बार जहरीली शराब की घटनाएं भी सामने आती रही हैं, जिसके बावजूद कुछ लोग अवैध कमाई के लालच में इस कारोबार से बाज नहीं आते।
वृत्त स. लोहारा प्रभारी रामानंद दीवान के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम में आबकारी उपनिरीक्षक (परि.) रिखीराम नेताम, सुश्री नवराति कुजुर, मुख्य आरक्षक विद्यासिंह परमार, आरक्षक इम्तियाज खान, आकाश चौहान तथा वाहन चालक देव की सक्रिय भूमिका रही।
हालांकि जब्त की गई शराब की मात्रा अपेक्षाकृत कम है, लेकिन विभाग का दावा है कि यह कार्रवाई अवैध शराब कारोबारियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। क्षेत्र में लगातार निगरानी और गश्त बढ़ाई जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि ग्राम सहसपुर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब का नेटवर्क कितना व्यापक है और इसे संरक्षण कौन दे रहा है। यदि लगातार शिकायतें मिल रही थीं तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या यह छापेमारी केवल औपचारिकता है या बड़े नेटवर्क तक भी विभाग की पहुंच बनेगी — यह आने वाला समय बताएगा।
फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी और 7 बल्क लीटर कच्ची महुआ शराब की जब्ती के साथ आबकारी विभाग ने अपनी कार्रवाई दर्ज कराई है। लेकिन अवैध मदिरा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए निरंतर और व्यापक अभियान की आवश्यकता है, ताकि जिले में इस अवैध कारोबार पर स्थायी रूप से अंकुश लगाया जा सके।