कवर्धा/सहसपुर लोहारा। कबीरधाम वन मंडल के वन परिक्षेत्र सहसपुर लोहारा अंतर्गत वन चौकी बड़ौदा खुर्द के परिक्षेत्र क्रमांक 305 में इमारती सागौन वृक्षों की कटाई ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। मौके पर कटे हुए सागौन के ठूंठ और लकड़ियां साफ तौर पर यह दर्शा रही हैं कि वन तस्करों के हौसले किस कदर बुलंद हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर कटाई हुई है, वह कोई घना और दुर्गम जंगल नहीं, बल्कि आवागमन वाले रास्ते के बीच का क्षेत्र है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने बड़े इमारती वृक्षों की कटाई बिना किसी संरक्षण या मिलीभगत के संभव नहीं है। कटे हुए पेड़ों के अवशेष कई दिनों से मौके पर पड़े होने के बावजूद वन विभाग की ओर से न तो कोई कार्रवाई दिखाई दे रही है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना सामने आई है।
वन विभाग की गश्त और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आ रही है। सवाल यह उठ रहा है कि जब रास्ते के किनारे खड़े सागौन के पेड़ सुरक्षित नहीं हैं, तब जंगल के भीतर के वन क्षेत्र की स्थिति क्या होगी। तस्करों के सामने वन विभाग का निगरानी तंत्र लाचार और बेबस दिखाई दे रहा है।
क्षेत्र में लगातार हो रही अवैध कटाई से पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो वन माफियाओं के हौसले और बढ़ेंगे तथा करोड़ों रुपये मूल्य की वन संपदा धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।