कवर्धा। जनपद पंचायत पंडरिया से लगभग 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पौनी में मनरेगा योजना के तहत संचालित पक्की नाली निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने विभिन्न अनियमितताओं की शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मनरेगा योजना के कार्यों में मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया, जबकि योजना के नियमों के अनुसार प्राथमिकता श्रमिकों को दी जानी चाहिए।
ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य स्थल पर अनिवार्य सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। सूचना बोर्ड के माध्यम से स्वीकृत लागत, कार्य कोड, मजदूरी एवं सामग्री मद की राशि, कार्य प्रारंभ एवं पूर्णता तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक की जाती है। सूचना बोर्ड नहीं होने से कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पौनी में तीन पक्की नाली निर्माण कार्य संचालित हैं। इनमें रामकुमार साहू के घर से कलिता की ओर जाने वाले मार्ग (कार्य कोड 3302004062/RS/1111466863), दुजराम के घर से शतानंद के घर तक (कार्य कोड 3302004062/RS/1111466864) तथा अशोक यादव के घर से झुठेल यादव के घर तक (कार्य कोड 3302004062/RS/1111466865) शामिल हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में मिट्टी युक्त रेत एवं अन्य सामग्री की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य नियमानुसार किया जा रहा है, तो सूचना बोर्ड लगाने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीणों द्वारा निर्माण कार्य की स्वीकृति, लागत, सामग्री एवं मजदूरी संबंधी जानकारी मांगे जाने पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलने की भी बात कही गई है। इस कारण लोगों में संदेह की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।