जिस तेजी से जल स्तर गिर रहा है उससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में स्थिति भयानक होगी वर्तमान में ईस बार गर्मी फसल बोने वालों की संख्या ज्यादा है लेकिन पानी नहीं के बराबर कई किसान पानी नहीं होने की स्थिति में अपना फसल जानवरों को चराने लगे हैं क्योंकि खेत में पानी नहीं होने के कारण खेतों में दरारें पड़ने लगी है गौरतलब रहे कि ग्रामीण क्षेत्रों की नाले तलाब कुआं भी सुख चुके हैं सवाल किसानों का नहीं है तालाबों में पानी नहीं होने से आम निस्तारी के अलावा जानवर पशु पक्षी भी पानी के लिए ईधर उधर भटक रहे हैं यदी भाटापारा शाखा नहर में पानी छोड़ा जाता है तो बहुत कुछ स्थति सुधर सकता है ग्रामीण जनों ने शासन प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि भाटापारा शाखा नहर में अविलंब पानी छोड़ा जाए ताकि सुखे तलाब कुआं को भरा जा सकें।