वनांचल एवं मैदानी भागों में बेखौफ अवैध रूप से ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। इन सबको राजस्व और खनिज विभाग की खुली छूट मिली हुई है। इसके कारण वर्षों से ईंट भट्ठा संचालित कर रहे हैं। ईट भट्ठा संचालन कर लोग पर्यावरण को नुकसान तो पहुंचा ही रहे हैं। साथ ही हर वर्ष राजस्व और खनिज विभाग को भी लाखों रुपये का चूना भी लगा रहे हैं। इर्ट निर्माण के लिए भूमि का कटाव से लेकर जंगलों से लकड़ी की कटाई कर पर्यावरण को काफी हद तक नुकसान पहुंचा रहे हैं। शासन को इससे लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही हैं। ईंट भट्ठा संचालित करने वाले के खिलाफ किसी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण से इन ईंट भट्टे के ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। सहसपुर लोहारा विकासखंड में अधिकांश अवैध ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। जिससे इस क्षेत्र के अवैध ईंट भट्ठों के संचालक बेधड़क इस कारोबार को मोटी कमाई का जरिया बनाकर अंजाम दे रहे हैं। गांव-गांव में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत भवनों का निर्माण किया जा रहा है। जहां ऊंची दामों पर उन हितग्राहियों को इर्ट भट्टे के ठेकेदार ईंट की सप्लाई कर रहे हैं। लोग मजबूरी में अधिक दामों पर लाल ईंटों को खरीद कर अपने भवन निर्माण में लगा रहे हैं। गांव-गांव में अवैध रूप से ईंट भट्टे का संचालन किया जा रहा है। ऐसे अवैध ईंट भट्ठा संचालन करने वाले ठेकेदारों के विरूद्घ ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। नदी किनारे अवैध रूप से ईंट भट्टे के संचालन करने वालों को आसानी से मिट्टी और पानी बड़ी तादाद में इन्हें उपलब्ध हो जाता है। ट्यूबेल के माध्यम से हजारों लीटर पानी उन्हें इर्ट भट्ठों में खपाया जा रहा है। इसके कारण से गांव-गांव में जलस्तर भी कम हो गया है। इन सब की जानकारी होते हुए भी राजस्व खनिज विभाग खामोश बैठा हुआ है। ईंट भट्ठा संचालकों पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई ना होना सवालिया निशान खड़ा करता है।
कलेक्टर कार्यालय के पीछे भी निर्माण
जिला कलेक्टर कार्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर मझगांव है वहां भी भारी मात्रा में निर्माण किया जा रहा है। मन्नावेदी, बेदर्ची, पिपरिया सहित कई जगहों पर निर्माण जारी है , पंडरिया में भी अनुविभागीय अधिकारी ( रा) कार्यालय से महज कुछ दूर पर पाढ़ी रोड सहित नदी तालाब के किनारे निर्माण जारी है। सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम ठाठापुर, सूरजपुरा, पवनतरा, नवागांव, बानो पीपरटोला, छोटूपारा, सोनपुरी, आमगांव, सबराटोला, धर्मगढ, सिल्हाटी भंडारपुर, सुखतरा, बीसाटोला, दनिया, बचेड़ी में बड़ी तादात में लाखों की संख्या में ईंटों का निर्माण कर ईंट भट्टे का संचालन किया जा रहा है। ऐसे ईंट भट्टा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से की है।