राजधानी रायपुर के कमल विहार (कौशल्या विहार) सेक्टर-9 में रविवार को घटित एक चिंताजनक घटना ने एक बार फिर शहर की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे एक वरिष्ठ डॉक्टर को उस समय भारी कीमत चुकानी पड़ी, जब उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर आपत्तिजनक स्थिति में मौजूद एक प्रेमी युगल को टोकने की हिम्मत दिखाई।
पीड़ित डॉक्टर, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के सदस्य और पूर्व जेसीआई रायपुर मेडिको सिटी वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सुजीत परिहार, इलाके से गुजर रहे थे जब उन्होंने उक्त युगल को अनुचित स्थिति में देखा। डॉक्टर परिहार ने सामाजिक मर्यादा की भावना से उन्हें संयम बरतने की समझाइश दी, लेकिन यह बात युगल को नागवार गुजरी। गुस्से में आगबबूला हुए प्रेमी युगल ने डॉक्टर पर पहले लात-घूंसे बरसाए और फिर एक भारी पत्थर से उनके सिर पर वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना स्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हमलावर युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि युवती मौके से फरार हो गई। घायल डॉक्टर को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने आरोपी युवक की पहचान मोहन यादव के रूप में की है, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
स्थानीय नागरिकों ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि इलाके में पहले से स्वीकृत थाना अब तक शुरू नहीं किया गया है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। दिनदहाड़े इस तरह की हिंसात्मक घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी चुनौती देती है।
समाज में बढ़ती अराजकता और युवा वर्ग की मर्यादा विहीनता को दर्शाती यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है—क्या आज के दौर में समाज की भलाई के लिए हस्तक्षेप करना भी जोखिम बन गया है ।