जन-जागरण और प्रशासनिक सक्रियता के संयोजन से ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभागार में “सुशासन तिहार” अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों की प्रमुख समस्याओं—विशेषकर पेयजल, निस्तारी व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी आवश्यकताओं—का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 50 ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों एवं रोजगार सहायकों से संवाद करते हुए कलेक्टर ने ग्राम स्तरीय विकास कार्यों की समीक्षा की और आगामी समाधान शिविरों की रूपरेखा पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाधान शिविरों में मुख्य ग्राम पंचायत के अतिरिक्त क्लस्टर की सभी पंचायतों के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य होगी।
मोर गांव मोर पानी अभियान को मिली सराहना
कलेक्टर सोनी ने “मोर गांव मोर पानी” महाभियान के अंतर्गत जल संरक्षण गतिविधियों की समीक्षा करते हुए नलकूपों के समीप सोखता गड्ढों के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा पक्के मकानों में वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की स्थापना के लिए जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में जल-संरक्षण से संबंधित प्रयासों को सुदृढ़ करना विकास का मूल आधार है।
श्री सोनी ने यह भी निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में अधिकतम आवेदनों का त्वरित निराकरण मौके पर ही किया जाए। इसके लिए शिविर स्थल पर 3 से 4 हेल्प डेस्क की व्यवस्था करने, तथा सुशासन मित्रों के माध्यम से ग्रामीणों को दिशा-निर्देश देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों का हुआ सम्मान
ग्राम स्तर पर जल-संरक्षण, जन-जागरूकता, दीवार लेखन, स्वच्छता रैलियों एवं तालाब सफाई जैसे कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 6 ग्राम पंचायतों को इस अवसर पर प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वाली पंचायतों में बलौदाबाजार विकासखंड की लिमाही, भाटापारा की गुड़ेलिया एवं रामपुर, कसडोल की नरधा, पलारी की अमेरा तथा सिमगा जनपद की संकरी पंचायत शामिल हैं।
सम्मान वितरण समारोह में नवपदस्थ डीएफओ गणवीर धम्मशील, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्या अग्रवाल एवं अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे सहित समस्त एसडीएम, जनपद सीईओ एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल प्रशासनिक तत्परता का परिचायक है, बल्कि ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है। ग्राम पंचायतों को जब सशक्त मंच और मार्गदर्शन प्राप्त होता है, तो वे स्वावलंबी और नवाचारशील बनकर उभरती हैं।