सावन मास के दूसरे, तीसरे और चौथे सोमवार को भोरमदेव, डोंगरिया व पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर में भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं व कांवड़ियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पार्किंग, विश्राम, पेयजल, रोशनी, शौचालय व सफाई व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए। भोरमदेव मंदिर से एक किमी दूर दो पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। कांवड़ियों के विश्राम के लिए वाटरप्रूफ टेंट, स्वच्छ पेयजल व शौचालय, रात्रि में रोशनी व जनरेटर की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
अमरकंटक से पदयात्रा कर आने वाले कांवड़ियों के रुकने के लिए लमनी, खुड़िया सहित पंडरिया, डोंगरिया, खड़ौदा, सिल्हाटी, पोलमी, पोड़ी, बोड़ला, कबीरकुटी, सिंघनपुरी, समनापुरी, अमलीडीह, बरपेलाटोला, रेंगाखार खुर्द व कोड़ार में स्कूल, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन व मंदिर प्रांगणों में ठहरने, पेयजल व शौचालय की समुचित व्यवस्था की गई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर कांवड़ मार्ग में मेडिकल टीम, प्राथमिक उपचार किट व सफाई व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।