श्रद्धा, संकल्प और सनातन परंपरा का जीवंत संगम बनी कांवड़ यात्रा — उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंडरिया विधायक भावना बोहरा और शिवभक्तों का आत्मीय स्वागत किया
कवर्धा, श्रावण मास की दिव्यता में ओतप्रोत शिव आराधना की 151 किलोमीटर की कठिनतम कांवड़ यात्रा आज उस समय एक अद्वितीय अध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव में बदल गई, जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा स्वयं पंडातराई पहुंचे और पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित सैकड़ों शिवभक्तों का आत्मीय स्वागत किया।
मध्यप्रदेश के अमरकंटक से छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक बाबा भोरमदेव मंदिर तक निकाली जा रही यह पदयात्रा श्रद्धा, तप और त्याग का अनुपम उदाहरण बन गई है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुष्पवर्षा, शॉल और मिठाई भेंट कर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे सनातन धर्म की हजारों वर्षों पुरानी परंपरा का जीवंत प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के पावन जल से बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सुख, शांति और समृद्धि के लिए किया गया महापुण्य प्रयास है। उन्होंने विधायक भावना बोहरा की इस प्रेरणादायक पहल को व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनहित की भावना से प्रेरित बताया।
श्री शर्मा ने कहा कि सावन का महीना हमारे सनातन धर्म की उस परंपरा को जीवंत करता है, जो आत्मिक शुद्धि, सामाजिक समरसता और त्याग का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि आज पूरा छत्तीसगढ़ ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ की गूंज से गूंजायमान है — यह जन-जन की आस्था, एकता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
ज्ञात हो कि विधायक भावना बोहरा ने 21 जुलाई को अमरकंटक में माँ नर्मदा और नर्मदेश्वर मंदिर में पूजा कर नर्मदा जल से बाबा भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक का संकल्प लिया और 151 किलोमीटर की पदयात्रा प्रारंभ की। इस यात्रा में महिला श्रद्धालु, युवा, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हैं।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए जलपान, विश्राम और स्वागत की भव्य व्यवस्थाएं स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों द्वारा की जा रही हैं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संगठनों और आम नागरिकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति इस यात्रा को जनआस्था का पर्व बना रही है।
यह यात्रा न केवल अध्यात्मिक चेतना का संचार कर रही है, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और सनातन मूल्यों के पुनर्जागरण का भी सशक्त माध्यम बन चुकी है।