रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सुकमा का नक्सल पुनर्वास केंद्र भाईचारे, विश्वास और शांति का अनूठा प्रतीक बन गया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने यहां आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों और बस्तर फाइटर बहनों से राखी बंधवाकर न केवल अपना पूर्व वादा निभाया, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और स्थायी शांति की एक नई मिसाल भी कायम की।
श्री शर्मा ने भावुक लहजे में कहा कि पिछली सुकमा यात्रा के दौरान उन्होंने पुनर्वास केंद्र की बहनों से वादा किया था कि रक्षाबंधन साथ मनाएंगे और आज उस वादे को पूरा करने का सुखद अवसर मिला। उन्होंने बहनों को आश्वस्त किया—“जब तक आपका भाई है, आपको चिंता या भय की कोई आवश्यकता नहीं। अपने परिचितों को भी समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करें। सरकार आपके प्रशिक्षण, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संपूर्ण व्यवस्थापन की जिम्मेदारी लेगी, साथ ही जल्द ही रायपुर भ्रमण भी कराया जाएगा।”
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित माओवादियों से संवाद करते हुए कहा कि यदि उनका कोई परिजन जेल में बंद है, तो उनसे मिलने की संपूर्ण व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम के पश्चात पोदला उरस्कना वृक्षारोपण अभियान के तहत शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपूंजे के नाम पर फलदार वृक्ष और अन्य शहीदों के नाम पर पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका सोरी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, सुरक्षा बल और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर बस्तर में भाईचारे का नया अध्याय रचा।