कवर्धा/पंडरिया। कबीरधाम जिले के पंडरिया नगर में इस वर्ष दशहरा महोत्सव को लेकर दो समितियों के बीच विवाद की स्थिति सामने आई है। वर्षों से नगर विकास समिति आत्मानंद विद्यालय परिसर मैदान में रावण दहन करती आ रही है, लेकिन इस बार महामाया दुर्गा उत्सव समिति ने भी उसी मैदान में कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी।
अनुविभागीय दंडाधिकारी पंडरिया ने महामाया दुर्गा उत्सव समिति को अनुमति दी है, जिसमें ध्वनि नियंत्रण, समय सीमा और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के पालन जैसी शर्तें शामिल हैं। वहीं, नगर विकास समिति का कहना है कि वे प्रतिवर्ष की तरह पहले से तैयारी कर चुके हैं और 61 फीट ऊँचे रावण का निर्माण भी किया है।
विवाद तब गहराया जब समिति के लोग पुतले के साथ मैदान पहुंचे लेकिन अनुमति पत्र न होने और गेट बंद रहने के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिला। इस पर समिति ने आपत्ति जताते हुए कहा कि दशहरा महोत्सव नगर की परंपरा है, और इसे विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने सुझाव दिया है कि आत्मानंद परिसर में दो गेट हैं, ऐसे में प्रशासन चाहे तो दोनों समितियों को अलग-अलग समय पर रावण दहन की अनुमति देकर विवाद समाप्त कर सकता है।
फिलहाल प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। नागरिकों का मानना है कि प्रशासन को दोनों पक्षों से संवाद कर आपसी सहमति बनानी चाहिए, ताकि दशहरा महोत्सव परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक बना रहे।