कलेक्टर के निर्देशन में जिला ग्रंथालय ने बीते दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। पाठकों की सुविधा और मांग के अनुरूप किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप ग्रंथालय के सदस्यों की संख्या 330 से बढ़कर 764 हो गई है। यह वृद्धि न केवल पठन संस्कृति के प्रति लोगों की रुचि को दर्शाती है, बल्कि ग्रंथालय को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का प्रभावी केंद्र भी बना चुकी है।
वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान ग्रंथालय से अध्ययन कर रहे 22 युवाओं का चयन पीएससी, व्यापम और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुआ है। यह उपलब्धि जिले के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है।
4 नवंबर 2016 को आरंभ हुआ यह ग्रंथालय अब युवाओं के लिए ज्ञान, अनुशासन और प्रेरणा का संगम बन गया है। यहां अभ्यर्थियों के लिए बैठने हेतु टेबल-कुर्सियों की सुसंगठित व्यवस्था की गई है। उनकी सहमति से नवीन और आवश्यक पुस्तकों की खरीद की जाती है, ताकि उन्हें नवीनतम विषयवस्तु सुलभ हो सके।
पठन वातावरण को अनुकूल बनाने के लिए पर्याप्त प्रकाश, पंखा, कूलर और नए वॉटर कूलर की व्यवस्था की गई है। साथ ही परिसर में बड़ा पानी टैंक भी स्थापित किया गया है। समय की आवश्यकता को देखते हुए इंटरनेट वाई-फाई सुविधा जोड़ी गई है, जिससे प्रतियोगी छात्र तत्कालीन सूचनाएं और अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकें।
सुरक्षा की दृष्टि से पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है। ग्रंथालय में समय-समय पर चयनित अभ्यर्थियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाता है, जिससे अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलता है।
ग्रंथालय प्रशासन के अनुसार, आगामी समय में भी डिजिटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन बुक रजिस्ट्रेशन और ई-लर्निंग सुविधाओं को जोड़े जाने की योजना है।
जिला ग्रंथालय बलौदाबाजार अब केवल पुस्तकालय नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का ज्ञान केंद्र बन चुका है।