जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी में विकास कार्यों की सच्चाई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गौठान क्षेत्र में समतलीकरण कार्य के नाम पर जनपद पंचायत विकास निधि से स्वीकृत 2.00 लाख रुपये की राशि में भारी अनियमितता सामने आई है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह कार्य जनपद पंचायत सदस्य चन्द्रशेखर ध्रुव द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादे से जुड़ा था। उन्हीं वादों पर भरोसा कर ग्रामीणों ने मतदान किया। चुनाव जीतने के बाद गौठान क्षेत्र में सिर्फ नाममात्र मुरूम डाला गया, और फिर लगभग दो माह तक कोई कार्य नहीं हुआ। इसके बाद अचानक नागरिक सूचना पटल लगाकर कार्य पूर्ण होने का दावा कर दिया गया, जिससे ग्रामीण स्तब्ध रह गए।
सूचना पटल के अनुसार कार्य की अवधि 15 जुलाई 2025 से 13 अक्टूबर 2025 दर्शाई गई है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट बताई जा रही है। न तो समुचित समतलीकरण हुआ, न ही स्वीकृत राशि के अनुरूप कोई ठोस कार्य दिखाई देता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावी लाभ लेने के बाद विकास कार्य को कागजों में पूरा दिखाकर सरकारी राशि की बंदरबांट की गई। ग्राम पंचायत, कार्य एजेंसी और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यह मामला केवल एक पंचायत तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और चुनावी वादों के दुरुपयोग का राष्ट्रीय स्तर का उदाहरण बनता जा रहा है।
अब सवाल यह है—क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या सूचना पटल ही विकास का प्रमाण मान लिया जाएगा ।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जांच एजेंसियों से स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।