कवर्धा/कुंडा। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकार द्वारा घोषित ₹3100 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के बावजूद किसानों को इसका पूरा भुगतान एकमुश्त नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में किसानों के खातों में केवल ₹2300 प्रति क्विंटल की राशि ही डाली जा रही है, जिससे किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
धान बेच चुके किसानों का कहना है कि शेष ₹800 प्रति क्विंटल भुगतान को लेकर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की गई है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। खेती के लिए लिए गए कर्ज, खाद-बीज, सिंचाई खर्च और घरेलू जरूरतों को पूरा करना उनके लिए कठिन होता जा रहा है।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम शर्मा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के समय किसानों को पूरा मूल्य एकमुश्त देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब भुगतान आंशिक और किश्तों में किया जा रहा है। यह किसानों के साथ सीधा छल है और इससे सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं।
गौतम शर्मा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में किसान हितैषी है, तो ₹3100 प्रति क्विंटल की पूरी राशि तुरंत एकमुश्त किसानों के खातों में जमा की जाए। किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद किया जाए।
वहीं किसान संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि यदि शेष राशि का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि सरकार किसानों की इस जायज मांग को कब तक गंभीरता से लेती है या फिर किसानों का आक्रोश और तेज होता है।